Zaban ki keemat hindi shayari

तुम्हारे दो होठों के बीच वाली चीज जिसे ज़बान कहते हैं
सोच कर चलाया करो इसे दिलों का मरहम भी है ये, कालेज चीरने की तलवार भी.!!
(रिज़वान)

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