Jannat Mei Jane ki khwahish Hindi Shayari
वो आदम ए औलाद भी सीधा कब्र से उठ कर जन्नत में जाने की ख्वाहिश रखता है जिसके बस में बिस्…
वो आदम ए औलाद भी सीधा कब्र से उठ कर जन्नत में जाने की ख्वाहिश रखता है जिसके बस में बिस्…
सुनो आंधी तुफानो ज़रा अपनी औक़ात में रहो हम आक़ा ﷺ के उम्मतीं हैं किसी शाख के पत्ते नही.!!…
किया रिसालत बयान करूं मैं अपने प्यारे आक़ा ﷺ की ये काफी नही के उनके दर पे जिब्राइल गु…
क्यों ना जान निसार करे कोई ऐसे प्यारे आक़ा ﷺ पर जिनकी रिसालत की गवाही मुट्ठी में बंद …