राहुल गांधी का "हाइड्रोजन बम"

"पच्चीस लाख वोटों की चोरी हुई है"

चार नवंबर को, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में हरियाणा विधानसभा चुनाव में पच्चीस लाख वोटों की व्यवस्थित चोरी का आरोप लगाया।

मुख्य आरोप:

आरोप की श्रेणी संख्या
डुप्लीकेट मतदाता पाँच लाख इक्कीस हज़ार+
अमान्य मतदाता तिरानवे हज़ार एक सौ चौहत्तर
बल्क मतदाता उन्नीस लाख छब्बीस हज़ार

ब्राजीलियाई मॉडल का कांड:

  • दो सौ तेईस बार एक ही तस्वीर फिर से इस्तेमाल
  • दस अलग-अलग मतदान स्थलों पर बाईस बार वोट
  • कई नाम: सीमा, स्वीटी, सरस्वती, रश्मि, विल्मा

महत्वपूर्ण तथ्य:

कांग्रेस केवल बाईस हज़ार वोटों से हारी है। इस चोरी से परिणाम सीधे बदल गए।
चुनाव आयोग के सवाल

तार्किक या रक्षात्मक?

चुनाव आयोग ने राहुल गांधी से कई सवाल पूछे हैं:

सवाल-1: "समय पर आपत्ति क्यों नहीं?"

  • SIR प्रक्रिया: एक अगस्त से पंद्रह अक्टूबर
  • आपत्तियाँ आईं: चार लाख सोलह हज़ार अट्ठाईस
  • कांग्रेस की आपत्तियाँ: शून्य

सवाल-2: "मतदान एजेंटों की चुप्पी?"

  • कांग्रेस के एजेंट: छियासी हज़ार सात सौ नब्बे
  • मतदान दिन शिकायतें: केवल पाँच

सवाल-3: "SIR का समर्थन या विरोध?"

लेकिन एक बड़ा सवाल उठता है: "अगर आपत्तियाँ आई ही नहीं, तो चार लाख अट्ठाईस आपत्तियाँ कहाँ से आईं?"

यह तार्किक विरोधाभास है जिस पर कोई भी विश्लेषण नहीं कर रहा।

"गोदी मीडिया" की परिभाषा
घटनाक्रम सरकार के लिए विपक्ष के लिए
सवालों की संख्या कम अधिक
तीव्रता नरम तीव्र
TV कवरेज सीमित व्यापक
भूमिका सुरक्षा आलोचना

मीडिया ने क्या नहीं किया:

  • सरकार से सवाल नहीं
  • चुनाव आयोग को जवाबदेह नहीं
  • पारदर्शिता की माँग नहीं
  • स्वतंत्र जांच की माँग नहीं

यदि विपक्ष सरकार होता:

तो क्या होता? 24x7 प्राइम टाइम! हर कोण से सवाल! सरकार को कटघरे में! लेकिन अब? सरकार से कोई सवाल नहीं।