Home islamik shayari www.lekhta.com October 15, 2021 0 ऐ जन्नत तेरा लालच नहीं मुझे ऐ जहन्नुम मैं तुझसे नहीं डरता हूँ मेरे प्यारे "रब" की ज़ात ही इबादत लायक है मैं तो इसी लिए अपने "रब" की इबादत करता हूँ#सैफ तेरे दिल की धड़कन से भी करीब तेरा अल्लाह है रियाकार सुन कान खोल के अल्लाह देख रहा है #सैफ You Might Like
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